बजरंग की हार पर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस,कुछ गलत मानसिकता के लोग जश्न मना रहे है-साक्षी

ट्रायल करा कर भेजते तो गोल्ड जरूर आता-ब्रजभूषण कोई भी खिलाड़ी जब देश के लिए मेडल लेकर आता है तो...

Created at: 08/10/2023, 3:32:29 PM
891
Related Articles

ट्रायल करा कर भेजते तो गोल्ड जरूर आता-ब्रजभूषण

कोई भी खिलाड़ी जब देश के लिए मेडल लेकर आता है तो सब लोग उनकी वाहवाही करते है लेकिन वहीं दूसरी तरफ जब खिलाड़ी हार का सामना करता है तो कुछ लोग उल्टी सीधी बयानबाजी पर उतर आते है अब बजरंग की हार पर सोशल मीडिया पर  भी बहस छिड़ गई है। गोल्ड मेडल की उम्मीद टूटने से भड़के फैंस पूछ रहे हैं कि क्या इसी के लिए बजरंग पूनिया को एशियन गेम्स में डायरेक्ट एंट्री चाहिए थी?।

 एशियाई खेल में भारत के पहलवान बजरंग पुनिया को हार का सामना करना पड़ा. वो बिना मेडल के घर लौटेंगे. आपको बता दें, 6 अक्टूबर को बजरंग पुनिया फ्रीस्टाइल 65 kg कैटेगरी के सेमीफाइनल में ईरान के पहलवान अमजद खलील रहमान से 1-8 से हार गए थे. इसके बाद ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए मुकाबले में भी उन्हें जापान के पहलवान ने 10-0 से हरा दिया. वहीं  हालांकि कई लोग बजरंग को सपोर्ट करते भी नजर आए,…  INDIA गठबंधन और कई साथी पहलवानों से समर्थन मिल रहा है गठबंधन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर दो पोस्ट किए, जिसमें कहा गया कि पुनिया हार गए क्योंकि उन्हें “तानाशाही सरकार और एक गुंडे का सामना करना पड़ा, और महिला पहलवानों के न्याय के लिए जंतर मंतर पर महीनों तक लड़ना पड़ा था.”एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “एक जमात (पार्टी) जो किसानों की मौत पर खुश थी, जब महिला पहलवानों के बारे में अनुचित शब्द बोले गए थे, अब बजरंग पुनिया की हार पर खुश है. लेकिन इस जमात का परिवार, जिसने कभी नहीं देखा कि पदक कैसा दिखता है, अब एक भारतीय खिलाड़ी की हार पर खुश है.”

साक्षी मलिक ने बजरंग पुनिया का  समर्थन करते हुए कहा कि  एशियाई गेम्स में बजरंग पूनिया का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है कुछ गलत मानसिकता के लोग जश्न मना रहे है… सोशल मीडिया पर  गलत पोस्ट और कमेंट कर रहे है..

इस पर भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा है कि ” इस बारे में तो पूरी दुनिया बात कर रही है. मुझे अफसोस है. दावे के साथ कहता हूं कि 65 kg कैटेगरी में गोल्ड मेडल आना चाहिए था. ट्रायल करा कर भेजा गया होता तो गोल्ड मेडल भारत का होता. चाहे बजरंग जाते, चाहे कोई और. ट्रायल के बाद गए होते तो गोल्ड मेडल आता.”
वही  बजरंग उन पहलवानों में शामिल हैं जिन्होंने इस साल बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर धरना दिया था. एशियन गेम्स के लिए ट्रायल से छूट मिलने के लिए बजरंग की काफी आलोचना भी हुई थी. पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में विशाल कालीरमण ने ट्रायल जीता था लेकिन उन्हें स्टैंड-बाय पर रखा गया था.

Leave a Reply

Related Articles