राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई दिनों की लगातार बारिश के बाद यमुना का जलस्तर अपने उच्चतम स्तर 207.55 मीटर पर पहुंच गया। पिछला रिकॉर्ड 207.49 था जो 1978 में बना था। इसके मद्देनजर दिल्ली के निचले स्थलों में बाढ़ को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। जल्द से जल्द स्थिति पर काबू पाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, पुराने रेलवे ब्रिज पर जलस्तर 2013 के बाद पहली बार 207 मीटर के निशान को पार कर गया, अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर और बढ़ने की संभावना है बता दें कि वर्ष 1978 में हथिनीकुंड बैराज से 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर दिल्ली में बाढ़ आ गई थी। उस समय पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का स्तर 204.79 मीटर पहुंचा था। केजरीवाल ने हाल ही में आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि उसके बाद दिल्ली में बाढ़ नहीं आई, हालांकि हाल के वर्षों में भी यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर गई थी। अब यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण उफनती नदी का पानी अब शहर में फैलने लगा है, जिससे निवासियों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। कश्मीरी गेट और रिंग रोड के पास मठ बाजार में पानी घुस गया, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।