ओमप्रकाश धनखड़ को राष्टीय सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखंड और पंजाब के बाद अब हरियाणा के पार्टी अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ को भी बदल दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के भरोसेमंद कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी को हरियाणा भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है। निवर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ को सम्मान देते हुए भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें अपनी टीम में सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी है। सांसद नायब सैनी के भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनने से केंद्रीय स्तर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मजबूत पकड़ का अहसास हुआ है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल पिछले दिनों नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले थे। उसी समय धनखड़ की प्रदेश अध्यक्ष के पद से विदाई और सांसद नायब सैनी की ताजपोशी की नींव रखी जा चुकी थी। भाजपा के राष्टीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर सांसद नायब सैनी की नियुक्ति के आदेश जारी किए। राष्टीय सचिव के पद पर नियुक्त ओमप्रकाश धनखड़ स्वयं नई जिम्मेदारी के लिए तैयार थे। अपने बदलाव से करीब चार घंटे पहले धनखड़ ने चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी हर समय नई जिम्मेदारी के लिए तैयार रहते हैं। किसी पद से चिपकते नहीं हैं। भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक बदलाव एक सहज, स्वाभाविक और सतत प्रक्रिया है। अध्यक्ष पद पर किसी एक का ठेका नहीं है। भाजपा राष्ट्रीय पार्टी है, जिसमें परिवारवाद और व्यक्तिवाद नहीं चलता। जो पार्टी चाहेगी, वैसा ही होगा। हाल ही में कई राज्यों के अध्यक्ष बदले गए हैं। यहां तक कि पार्टी में मेरे दायित्व भी कई बार बदले गए हैं।
भाजपा ने खेला ओबीसी कार्ड
कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का कार्ड खेला है। गैर जाट मतदाताओं में पिछड़े, दलित और अति पिछड़े वर्ग के मतदाता भाजपा का बड़ा वोट बैंक रहे हैं। भाजपा ने इस वोट बैंक को बिखरने से रोकने व गैर जाट मतदाताओं को पार्टी के साथ जोड़े रखने के लिए ओबीसी कार्ड खेला है। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, स्कूल शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत, भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य डा. सुधा यादव ओबीसी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सीएम के विरोधियों को मिला संदेश
हरियाणा में बार-बार इस तरह की अफवाहें उड़ाई जाती रही हैं कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल किसी भी समय बदल सकते हैं। मुख्यमंत्री स्वयं कह चुके हैं कि उनके विरोधी उन्हें रात को सीएम के पद से हटाकर सोते हैं, लेकिन जिस तरह से सीएम मनोहर लाल पार्टी अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ को हटवाने तथा अपनी पसंद के सांसद नायब सैनी को अध्यक्ष बनवाने में कामयाब हुए हैं, उससे सीएम के विरोधियों को कड़ा और स्पष्ट संदेश मिल गया है।
खत्म नहीं हुई सरकार और संगठन की दूरी
हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ भले ही अपने सवा तीन साल के कार्यकाल में संगठन को गांव व वार्ड स्तर पर ले जाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सत्ता व संगठन के बीच दूरी को वह पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाए। सरकार में मुख्यमंत्री से उनका छत्तीस का आंकड़ा रहा है। इसका असर सरकार और संगठन के कार्यों पर पड़ा, जबकि धनखड़ से पहले के अध्यक्ष सुभाष बराला की मुख्यमंत्री के साथ अच्छी ट्यूनिंग थी।